PART I :- GENERAL
नियम-1 :- नाम एवं प्रवर्तन
इन नियमों को “रेलवे सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1968” कहा जाएगा।
ये नियम 01 अक्टूबर 1968 से लागू होंगे।
नियम-2 :-परिभाषाएँ
(क) नियुक्ति प्राधिकारी से आशय ऐसे प्राधिकारी से है जो निम्नलिखित स्थितियों में संबंधित रेलवे सेवक की नियुक्ति करने का अधिकार रखता हो:
i. वह प्राधिकारी, जिसके पास उस समय उस सेवा या ग्रेड में नियुक्ति करने का अधिकार हो, जिसमें रेलवे सेवक कार्यरत है।
ii. वह प्राधिकारी, जिसके पास उस पद पर नियुक्ति करने का अधिकार हो, जिस पद पर रेलवे सेवक वर्तमान में पदस्थ है।
iii. वह प्राधिकारी, जिसने वास्तव में रेलवे सेवक को उसके वर्तमान पद, सेवा या ग्रेड में नियुक्त किया हो।
iv. यदि रेलवे सेवक ने अपनी वर्तमान नियुक्ति से पूर्व रेलवे प्रशासन के अधीन किसी अन्य विभाग में किसी स्थायी पद पर कार्य किया हो, तो उस पद, सेवा या ग्रेड में नियुक्ति करने वाला प्राधिकारी।
उपर्युक्त में जो भी सर्वोच्च प्राधिकारी होगा, वही नियुक्ति प्राधिकारी माना जाएगा।
नियम-3 :- लागू क्षेत्र
(1) ये नियम सभी रेलवे सेवकों पर लागू होंगे, किन्तु निम्नलिखित पर लागू नहीं होंगे:
(क) अखिल भारतीय सेवा के सदस्य
(ख) रेलवे संरक्षण बल अधिनियम, 1957 के अंतर्गत आने वाले रेलवे सुरक्षा बल के सदस्य
(ग) आकस्मिक श्रमिक
(घ) वे व्यक्ति जिनके संबंध में राष्ट्रपति की स्वीकृति से विशेष समझौते या नियम बनाए गए हों
(2) राष्ट्रपति को यह अधिकार होगा कि वे रेलवे सेवकों के किसी वर्ग को इन नियमों के किसी या सभी प्रावधानों से मुक्त कर सकें।
