Transfer Rules
अन्तर रेलवे / डिवीजन स्थानान्तरण (Inter Railway / Division Transfer) के लिए रेलवे बोर्ड के महत्वपूर्ण आदेश
विशेष – ग्रुप सी और डी के रेल कर्मचारियों की विशेष कठिनाइयो में एक रेलवे से दूसरी रेलवे में उनके स्वयं के अनुरोध पर रेल प्रशासनों व्दारा अनुकूल रूप से विचार किया जाये, ऐसे कर्मचारियों को जो एक रेलवे से दूसरी रेलवे में उनके अनुरोध पर स्थानांतरित किये गये हो, उन्हें नई स्थापना में संबंधित ग्रेड के पदोन्नति समूह में सभी वर्तमान, स्थायी, स्थानापन्न और अस्थायी कर्मचारियों के नीचे रखा जाएगा।
(बोर्ड का पात्र सं. ई. 55 / एस. आर. 6/6/3, दिनांक 19.5.55)
(1) स्थानांतरण के निवेदन देने की अनुमति केवल सीधी भर्ती वाले ग्रेडों या उन मध्यवर्ती ग्रेडों के लिए है, जिनमें सीधी भर्ती की जा सकती है।
(इस्टेब्लिशमेंट मैनुअल का पैरा 312 और बोर्ड का पत्र सं. ई. (एन. जी.) 1-71 //टी.आर./1,दिनांक 31.3.71.)
नोट – स्थानांतरण के मामले में केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण, चंडीगढ़ व्दारा आनन्द प्रकाश तथा अन्य व्दारा दायर ओ.ए.स. 413 /एच आर /98 पर दिनांक 22.9.98 के निर्णय और इस निर्णय के विरुद उच्च न्यायालय पंजाब और हरियाणा तथा उच्चतम न्यायालय में प्रशासन व्दारा दी गई याचिकाओं के ख़ारिज हो जाने के परिणाम स्वरूप यह आदेश जारी किया गया है कि सीधी भर्ती के ग्रेडो में निम्नतम वरिष्ठता स्वीकार करने की शर्तें पर अनुरोध किये जाने पर यह अवश्य जाँच कर ली जाए कि कर्मचारी के पास सीधी भर्ती के लिए निर्धारित शैक्षिक अर्हता होने पर ही स्थानांतरण की अनुमति दी जाएगी ।
(आर.बी.ई.24/2000, दिनांक 8.2,2000)
(2) पारस्परिक अदला – बदली के आधार पर स्थानानतरण किसी ग्रेड में हो सकता है इस तरह की अदला – बदली के लिए किसी कर्मचारी को उपयुक्त राजी व्यक्ति मिल सके इसके लिए प्रशासन को मुख्यालय में एक सेल की स्थापना करनी चाहिये, जहाँ उसी रेलवे में एक प्रवरता इकाई से दूसरी में और किसी दूसरी रेल में स्थानांतरण के लिए आवेदनों का रजिस्टर रखा जाये।
आवेदन प्राप्त होने पर रेलवे प्रशासन दूसरी रेल को लिखेगा ताकि यह आवेदन रेल गजट में प्रकाशित हो और इच्छुक कर्मचारी उसके बारे में जान सके। यह आवेदन प्रार्थियो की वरीयता के आधार पर रजिस्टर में नोट किये जायेगे और प्रत्येक वर्ष में एक बार उन पर जरूरी कार्यवाही की जायेगी। यह सेल में निबटारा होता रहे और उनके कारण कर्मचारियों को उनकी वरीयता की हानि कम हो सके
(बोर्ड का पत्र सं. वही दिनांक 31.3.71)
(2) पारस्परिक अदला -बदली के आधार पर अंतर रेलवे और अंतरा रेलवे स्थानांतरण के आदेश दोनों पार्टियों की सहमति से किए जाते है। इनके आवेदन पत्रों को अग्रेषित करते समय यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि किन्ही भी परिस्थितियों में इस व्यवस्था में परिवर्तन के किसी अनुरोध को स्वीकार नही किया जाएगा और कर्मचारी को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। बोर्ड ने इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये है
(आर.बी.ई. 21 /2006, दिनांक 21.4.2006 , 200 /2009 दिनांक 12.11.2009 )
(3) स्थानांतरण के आवेदन कर्मचारी की अपनी रेल के अलावा दूसरी रेल पर भी रजिस्टर में नोट किये जाने चाहिये। उपयुक्त रजिस्टर मंडल, कारखाना और मुख्यालय सभी इकाईयो में रखने चाहिये ।
(बोर्ड का पत्र सं. ई. /रेप /1 – 83 ऐ ई 1 /मिस. /स्टाफ ग्री. दिनांक 25.5.83.)
(4) स्थानांतरण के आवेदनों पर सुसंगठित ढंग से कार्यवाही करनी चाहिये इस बारे में किसी कर्मचारी के मन में शिकायत का अवसर न आये ।
(बोर्ड का पत्र सं. ई (एन.जी.) 1 -8 /टी. आर. /26, दिनांक 8.6.83.)
(5) जिस जगह कर्मचारी स्थानांतरण चाहता है, वहाँ संवर्ग में कोई रिक्ति हो तो तुरंत आवेदन स्वीकार करने में कोई कठिनाई नही होनी चाहिये और तुरंत संबंधित अधिकारियो को सूचित कर देना चाहिये।
(बोर्ड का पत्र सं. वही दिनांक 6.6.83 )
5 (क) निम्नतम वरिष्ठता पर अंतर क्षेत्रीय स्थानांतरण के अनुरोध:- निम्नतम वरिष्ठता पर स्थानांतरण के लिए रेल सेवको व्दारा अनुरोध कठिन परिस्थितियों के विशेष मामलो के आधार पर किए जाते है, इसलिए रिक्तियों की मौजूदगी की आधार पर अस्वीकार न किया जाए। यदि रिक्तियों की मौजूदगी की आधार पर अस्वीकार न किया जाए तो सीधी भर्ती अथवा पदोन्नति, जैसा भी मामला हो, के व्दारा रिक्तियों को भरने के लिए एक समयबध्द कार्यक्रम तैयार किया जाना चाहिये ।
(सं. ई (एन. जी.) 1-2005/(टी.आर.)22, दिनांक 6.10.2005 (आर.बी.ई. 170 /2005)
(6) जब रेल भर्ती बोर्डो को इंडेंट भेजे जाये तो जितने कर्मचारियों ने विभिन्न संवर्गो में आने या उससे बाहर जाने के लिए आवेदन किया हो उनकी संख्या को ध्यान में रखते हुए निर्णय करना चाहिये ।
(बोर्ड का पत्र सं. ई. (एन.जी.) 11 -70 /आर.आर.1/31, दिनांक 11.1.71 और उपर्युक्त वही दिनांक 25.5.83 तथा 6.6.83)
(7) नई इकाई/संवर्ग में वरीयता सबके नीचे निर्धारित होने के बावजूद यदि नई इकाई में पदोन्नति की शर्त के रूप में न्यूनतम सेवा अवधि निर्धारित हो तो पात्रता निश्चय करने के लिए पुरानी इकाई में की गई सेवा की गणना की जा सकती है, बशर्ते वह नई इकाई में उसके आसन्न वरिष्ठ की सेवा अवधि से अधिक न हो यह लाभ तभी मिलेगा जब दोनों इकाईयो में वह समान कोटि के पद पर काम करे ।
(आर. बी. ई. 34/2006, दिनांक 21.3.2006)
(8) उसी वरीयता इकाई में स्थानान्तरण के आवेदन:
(क) उसी वरीयता इकाई में अपनी पसंद के स्टेशन के लिए स्थानांतरण के लिए भी आवेदनों के रजिस्टर रखने चाहिये ।
(बोर्ड का पत्र सं. ई. (एन. जी. ) 1- 91 /टी. आर /14, दिनांक 1.10.71) यही (ख) और (ग) के लिए भी
(ख) यदि कुछ स्टेशन पोस्टिंग के लिए लोकप्रिय न हो तो यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनमे सभी अधिकृत पद भरे रहे, कोई निश्चित अवधि तय की जा सकती है जिसमे वहाँ काम करने के बाद ही अधिक लोकप्रिय स्थान पर स्थानांतरण किया जाये ।
(9) स्कूल सेशन के मध्य में स्थानांतरण केवल प्रशासन के हित में कम – से – कम होने चाहिये ।
(बोर्ड का पत्र सं. वही दिनांक 1.17.71.)
(10) दिक्कतों के आधार पर स्थानांतरण के आवेदनों पर सहानुभूति पूर्ण विचार करना चाहिये ।
(नियम 226 आर. पर दिया निर्णय )
(11) विकलांग कर्मचारियों के अपने मूल निवास – स्थान या उसके समीप स्थानांतरण के आवेदनों को प्राथमिकता देनी चाहिये ।
(बोर्ड का पत्र सं. ई (एन जी.) 1-91/टी. आर /13, दिनांक 11.2,92)
(12) यदि कोई माता – पिता, जिसका बच्चा मानसिक रूप से अपंग हो, अपनी पसंद की जगह पर स्थानांतरण के लिए आवेदन करे तो जहाँ तक संभव हो उस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिये।
(बोर्ड का पत्र सं. ई. (एन.जी.) 1-91 / टी. आर./15, दिनांक 13.5.91)
- स्थानांतरण के आवेदन के जो रजिस्टर नियमानुसार रखे जाते है उन्हें समय – समय पर पूरा करते रहना चाहिये,जैसे वर्ष में एक बार या छमाही। जो लोग स्थानांतरण के इच्छुक न हो उनके नाम उसमें से काट देने चाहिये।
(बोर्ड का पत्र सं. ई. (एन. जी.) 1-61/ टी. आर. /28 दिनांक 6.12.96, आर. बी. ई. 122 /96 – मास्टर सर्कुलर सं. 24 के संदर्भ में)
