असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave – EOL)

  • यह अवकाश तब दिया जाता है, जब कर्मचारी के खाते में कोई अन्य अवकाश देय न हो
  • यह अवकाश अन्य अवकाशों को मिलाकर एक समय में अधिकतम 5 वर्ष तक दिया जा सकता है।
  • आकस्मिक अवकाश को छोड़कर, इसे किसी भी अन्य अवकाश के साथ जोड़ा जा सकता है
  • पूर्व अनुमति के बिना ली गई अनुपस्थिति को सक्षम अधिकारी असाधारण अवकाश में परिवर्तित कर सकता है।

अन्य परिस्थितियाँ निम्न प्रकार हैं :

  1. अस्थायी कर्मचारी, जिसने 3 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो, उसे बिना किसी चिकित्सा प्रमाण-पत्र के 3 माह का अवकाश दिया जा सकता है।

  2. यदि असाधारण अवकाश को मिलाकर 3 वर्ष की सेवा पूरी हो गई हो, तो 6 माह का अवकाश दिया जा सकता है,परंतु इसके लिए चिकित्सा प्रमाण-पत्र आवश्यक है।

  3. यदि कर्मचारी ने 1 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो, तो उसे 18 माह का अवकाश दिया जा सकता है,बशर्ते कि वह निम्न रोगों के उपचाराधीन हो :

    • क्षय रोग (टी.बी.)

    • प्लूरिसी

    • कुष्ठ रोग

    • कैंसर

    • मानसिक बीमारी

  4. यदि कर्मचारी ने 3 माह का अवकाश लेकर 3 वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो,और वह लोकहित में पढ़ाई करना चाहता हो,तो उसे 24 माह का अवकाश दिया जा सकता है।

    इस स्थिति में कर्मचारी से बॉण्ड भरवाया जाएगा कि यदि वह अवकाश के बाद ड्यूटी पर वापस नहीं आता है या वापस आने के बाद 3 वर्ष के भीतर नौकरी छोड़ देता है,
    तो उसे अवकाश के दौरान हुए सभी व्यय सरकार को वापस करने होंगे

    इस बॉण्ड पर दो स्थायी कर्मचारियों की जमानत भी होगी।यदि कर्मचारी 5 वर्ष के भीतर सेवा पर वापस नहीं आता,तो अनुशासनात्मक कार्रवाई करके उसे सेवा से हटाया जा सकता है

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top