Coaching & Passenger
TICKET CHEKING

हैंडिंग ओवर मेमो :

  1. यदि यात्री बिना टिकट या अनियमित यात्रा करता पाया जाता है तथा भुगतान से इंकार करता है तो उसे स्टेशन मास्टर/हेड टीसी को सौंपा जायेगा।

  2. TTE द्वारा तैयार किया गया दस्तावेज हैंडिंग ओवर मेमो कहलाता है।

  3. इसके चार भाग होते हैं –
    a) रिकॉर्ड
    b) लेखा
    c) स्टेशन मास्टर / हेड टीसी
    d) Sr. DCM

  4. यात्री का नाम, पता, कारण एवं वसूली राशि अंकित की जाती है तथा रिपोर्ट Sr. DCM एवं लेखा कार्यालय भेजी जाती है।


    टिकट कलेक्टर रिपोर्ट (TCR) :

    1. सभी कार्ड टिकट, UTS टिकट, PRS टिकट एवं पेपर टिकट निर्धारित तरीके से रद्द किये जायेंगे।

    2. कार्ड टिकट स्टेशन-वार, श्रेणी-वार एवं क्रम संख्या अनुसार TCR में दर्ज किये जायेंगे।

    3. कंप्यूटर टिकट ट्रेन-वार एवं दिनांक-वार दर्ज किये जायेंगे।

    4. पेपर टिकट अलग रजिस्टर में दर्ज किये जायेंगे।

    5. दिन के अंत में उच्चतम संख्या वाले टिकटों के बंडल अलग बनाये जायेंगे।

    6. रद्द व दर्ज सभी टिकट तारीख-वार सीलबंद कर सुरक्षित रखे जायेंगे।


      टी.सी. रिटर्न :

      1. टिकट जाँच कर्मचारियों द्वारा उपयोग में लाये गये अतिरिक्त किराया रसीदों का लेखा-जोखा मासिक रूप से प्रस्तुत किया जायेगा।

      2. टी.सी. रिटर्न COM-41F फॉर्म में दो प्रतियों में बनाया जायेगा।

      3. मूल प्रति लेखा कार्यालय तथा दूसरी प्रति रिकॉर्ड हेतु रखी जायेगी।

      4. विवरण में कर्मचारी का नाम, पदनाम, स्टेशन, माह, वर्ष, EFR नंबर, ट्रेन नंबर, अतिरिक्त किराया, कारण आदि अंकित होंगे।

      5. संबंधित मनी रसीद एवं COM-329B संलग्न किया जायेगा।

      6. टी.सी. रिटर्न अगले माह की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा, अन्यथा विभागीय कार्यवाही हो सकती है।


        नामित दिनों में कार्ड टिकट एवं कागजी टिकटों का निपटान :

        1. माह के अंतिम दिन तथा अगले माह के प्रथम व द्वितीय दिन के कार्ड टिकट, स्टेशन, श्रेणी एवं मार्ग अनुसार अलग-अलग किये जायेंगे।

        2. नामित दिनों के लिए चयनित स्टेशनों के कार्ड टिकटों की अधिकतम संख्या अलग बंडल बनाकर गुलाबी शीट में विवरण सहित लेखा कार्यालय को भेजी जायेगी।

        3. विवरण में भेजने वाले स्टेशन का नाम, संग्रह माह एवं उच्चतम संख्या अंकित होगी।

        4. सभी पेपर टिकट (BPT, EFT, Concession Ticket) प्रतिदिन लेखा कार्यालय भेजे जायेंगे।

        5. PRS टिकटों में से प्रत्येक ट्रेन का कम से कम एक टिकट TCR विवरण सहित अगले माह की 5 तारीख तक भेजा जायेगा।

        6. CTI स्टेशन पर 10 दिन में RPF की उपस्थिति में टिकट जलाये जायेंगे, अन्यथा CCI जिम्मेदार होगा।

        7. जहाँ TIA तैनात हैं, वहाँ वे भी टिकट जलाने की प्रक्रिया में उपस्थित रहेंगे।


          EFT / EFR का गुम होना :

          1. EFT / EFR के गुम होने पर पूरे विवरण के साथ निम्नलिखित को तुरंत सूचित करना चाहिए :

          i. मुख्यालय स्टेशन के मुख्य टिकट निरीक्षक
          ii. मंडल कार्यालय
          iii. यातायात लेखा कार्यालय

          2. मंडल स्तर पर कार्यवाही :

          i. गुम होने की अधिसूचना जारी करना।
          ii. गलत लाभ से बचाने के लिए गजट में प्रकाशित करना।
          iii. सभी क्षेत्रीय रेलवे के म. वा. प्र. को सूचित करना।
          iv. सभी क्षेत्रीय रेलवे के वित्त सलाहकार एवं म. लेखाधिकारी को सूचित करना।
          v. जमा किये गये EFT / EFR की सतत निगरानी रखना।
          vi. मुख्यालय को रिपोर्ट भेजना।

          3. जाँच हेतु समिति का गठन :

          a) वाणिज्य मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक।
          b) यातायात लेखा कार्यालय से सहायक लेखाधिकारी।

          4. समिति द्वारा कार्यवाही :

          i. FIR, साक्ष्य एवं दस्तावेजों के आधार पर जाँच कर गुम होने के कारणों का पता लगाना।
          ii. संबंधित कर्मचारी का पिछले 3 साल का Track Record, Performance, Accountals, Remittances, Earnings तथा अन्य अनियमितताओं का अध्ययन करना।

          5. जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करना :

          i. जाँच रिपोर्ट एक माह के भीतर DRM को प्रस्तुत करना।
          ii. यदि लापरवाही सिद्ध होती है तो DAR (Major Penalty) के तहत कार्यवाही एवं 2 माह के भीतर वसूली अनिवार्य होगी।
          iii. यदि लापरवाही सिद्ध नहीं होती (आग, बाढ़, डकैती आदि) तो :
          a) राइट-ऑफ का प्रस्ताव DRM के माध्यम से CCM को भेजा जाये।
          b) CCM, FA&CAO/T एवं AGM की सहमति से राशि माफ कर सकते हैं।
          iv. भविष्य में पुनः गुम होने या दुरुपयोग की स्थिति में कर्मचारी से वसूली की जायेगी तथा DAR के तहत कार्यवाही होगी।


          5. जाँच रिपोर्ट को प्रस्तुत करना :

          i. एक महीने के अंदर जाँच रिपोर्ट DRM को प्रस्तुत करना चाहिए।

          ii. यदि कर्मचारी की गलती या लापरवाही साबित होती है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करते हुए नुकसान की वसूली होनी चाहिए। जाँच रिपोर्ट के साथ वसूली का विवरण भी देना चाहिए।

          iii. यदि कर्मचारी की गलती साबित नहीं होती अर्थात आग, चोरी, बाढ़, दुर्घटना आदि कारणों से गुम होने पर :

          a) मंडल रेल प्रबंधक के माध्यम से राइट-ऑफ के लिये मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को प्रस्ताव भेजना चाहिए।

          b) मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी तथा अतिरिक्त महाप्रबंधक की सलाह से नुकसान को माफ कर सकते हैं।

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