Coaching General
08.Indian Rilway Conference Association (IRCA)
भारतीय रेल सम्मेलन
भारतीय रेल सम्मेलन की स्थापना 1903 में की गयी। यह सभी रेलो का संगठन है जो देश मे क्षेत्रीय रेलो के बीच नियम बनाने एवम उत्तरदायित्त्व तय करने का काम करता है उसी प्रकार से आंतरराष्ट्रिय यातायात के लिये नियम बनाने का काम करते है।
मुख्य कार्यः-
(i) एक क्षेत्रीय रेल्वे से दुसरे क्षेत्रिय रेलवे को बुक किये गये यातायात के लिये नियम बनाना,
(ii) नियम पुस्तक छापना, प्रकाशित करना और क्षेत्रिय रेल्वे के बीच वितरित करना |
(iii) वैगन अदला बदली के स्थान पर निष्पक्ष रुप से चलस्टाक का परिक्षण करना ।
(iv) ब्रॉड गेज और मीटर गेज में काम करने के लिए पूल्ड वैगन बनाना
इस शाखा के अंतर्गत एक वाणिज्य समिती कार्य करती है। सभी रेल्वे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक इस समिति के सदस्य होते है. इसका कार्य निम्नप्रकार से है.
(i) वर्गीकरन तथा पुनवर्गीकरण के संबंध मे दिये गये सुझाव पर विचार विमर्श करना.
(ii) पैकिंग शर्त या दरों में परिवर्तन के बारे मे तथा नियमो के सरल बनाने सम्बंधित विषयोपर विचार विमर्श करना तथा अपने सुझाव देना ।
Complaints Reasons & redressal and Suggestion Book, various modes of complaint. (Hindi / Eng.)
Coaching General 09.Complaints Reasons & redressal and Suggestion Book, various modes of complaint. जन शिकायत परिभाषा : जब रेल प्रशासन व्दारा उपलब्ध की गई सेवा / सुविधाओ में कोई त्रुटी या कमी रह जाती है या यात्रियों को कोई असुविधा हो जाती है तो शिकायत होती है.अर्थात यह रेल प्रशासन के विरुद्ध एक आरोप है. शिकायत के कुछ सामान्य कारण 1. गाडियों में यात्रियों का सामान चोरी होना. 2. यात्रियान में अनाधिकृत यात्रियों का प्रवेश . 3. गाडियों का विलम्ब से चलना. 4. बुक किये गए सामान / पार्सल का नुकसान होने पर. 5. स्टेशनों पर तथा गाडियों में
असाधारण अवकाश
Leave Rules असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave) सामान्यतः रेलवे कर्मचारी को एक बार में 12 माह का असाधारण अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है। यह अवकाश पूरे सेवाकाल में 28 माह से अधिक नहीं दिया जाता है। असाधारण अवकाश को छोड़कर अन्य अवकाशों को मिलाकर मेडिसिन में पी-एच.डी. तथा कार्य चिकित्सा अध्ययन के लिए 36 माह की सीमा निर्धारित है। यह अवकाश उन कर्मचारियों को नहीं दिया जाएगा— जिनकी सेवा अवधि 5 वर्ष से कम है, या जो अवकाश से लौटने की तिथि से 3 वर्ष के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हों, या जिन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प प्राप्त हो।
Circular Journey Ticket
Coaching & Passenger.Tickets & Its Types Circular Journey Ticket (परिपत्र यात्रा टिकट) 📌 सामान्य मार्ग (Normal Route) सामान्यतः रेलवे टिकट निम्न मार्गों से जारी करता है: सबसे छोटा मार्ग (Shortest Route) लंबा मार्ग, जिसकी दूरी सबसे छोटे मार्ग से 15% से अधिक न हो लंबे मार्ग से सीधी ट्रेन उपलब्ध हो 👉 जब यात्री उपरोक्त मार्गों के अलावा किसी अन्य मार्ग से यात्रा करना चाहता है, तो उसे Circular Journey Ticket कहा जाता है। 🧾 Circular Journey Ticket के प्रकार 1️⃣ Standard Circular Journey Ticket रेलवे प्रशासन द्वारा विभिन्न टूर प्रोग्राम बनाए जाते हैं। इनकी पूरी जानकारी Time Table
Luggage Ticket (सामान टिकट)
Coaching & Passenger.Tickets & Its Types सामान टिकट (Luggage Ticket) सामान टिकट उस स्थिति में जारी किया जाता है जब कोई यात्री अपना सामान अपने साथ या ब्रेक वैन (Brake Van) में बुक कराता है। 📌 मुख्य नियम: जब यात्री सामान को अपने साथ या ब्रेक वैन में बुक करता है, तब सामान टिकट जारी किया जाता है। यह टिकट क्रमांकित बुक (Numbered Book) के रूप में होता है, जिसमें प्रत्येक पृष्ठ पर तीन फॉइल (Foils) होते हैं—a. रिकॉर्ड फॉइल (Record Foil)b. यात्री फॉइल (Passenger Foil)c. गार्ड फॉइल (Guard Foil) इस टिकट पर निम्न विवरण दर्ज किए जाते हैं—यात्री
Return Journey Ticket
Coaching & Passenger.Tickets & Its Types वापसी यात्रा टिकट (Return Journey Ticket) वापसी यात्रा टिकट केवल मुंबई उपनगरीय (Suburban) सेक्शन में जारी किया जाता है। नियम: वापसी यात्रा टिकट की वैधता दूसरे दिन की मध्यरात्रि (12:00 बजे रात) तक होती है। यदि दूसरे दिन रविवार या सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) पड़ता है, तो टिकट की वैधता अगले कार्यदिवस की मध्यरात्रि तक बढ़ा दी जाती है। यह टिकट आने-जाने (To & Fro) दोनों यात्राओं के लिए मान्य होता है। वापसी यात्रा टिकट केवल Suburban ट्रेनों में ही मान्य होता है। Recents Post
Transfer on mutual exchange.(IREC – 230)
Transfer Rules IREC – 230 : Transfer on Mutual Exchange (आपसी अदला-बदली पर स्थानांतरण) 🔹 Mutual Exchange क्या है? जब दो रेलवे कर्मचारी आपसी सहमति से एक-दूसरे की पोस्ट / जगह बदलते हैं,तो इसे Mutual Exchange Transfer कहते हैं। Seniority (वरिष्ठता) का नियम 🔸 Senior कर्मचारी के लिए जो कर्मचारी वरिष्ठ (Senior) है: उसे दूसरे कर्मचारी द्वारा छोड़ी गई Seniority Position दी जाएगी 📌 मतलब: जिस स्थान की वरिष्ठता दूसरे कर्मचारी ने छोड़ी है, वही senior कर्मचारी को मिलेगी। 🔸 Junior कर्मचारी के लिए जो कर्मचारी कनिष्ठ (Junior) है: वह अपनी पुरानी Seniority बनाए रखेगा लेकिन नई यूनिट /
